Thursday, 29 November 2018

कुम्भकर्ण

"मुझे लगा की
कुम्भकर्ण बड़ा है,
क्यूँकि वह
दिखता बड़ा है।

मैंने confirm भी
किरन से किया है,
क्यूँकि उसको तो
सबकुछ पता है।

मैंने कुम्भकर्ण से
प्यार किया है,
यह बात "शायद"
उसको पता है ।"

क्या कुम्भकर्ण को
तुमने बताया है ?
"नहीं ऽऽऽऽऽऽ !
उसको तो बस
सोना होता है ।"

तुम्हें ऐसा क्यूँ लगा है ?

"मैंने पूछ लिया है !"

किससे ? कुम्भकर्ण से ?

"नहीं ऽऽऽऽऽऽ !  किरन से !
क्यूँकि उसी को तो
दुनिया मे सबकुछ पता है।"

No comments:

Post a Comment

अधिकार

तुम पर है अधिकार  तुम्हारे होने का चलने का,  तुम्हारे बातें मुझसे करने का  और फिर तुमसे मिलने का,  यह बोलो और फिर शांत रहो मैं सोचूँ और तुम ...