Sunday, 3 May 2026

फैसला

फैसला हक में हमारे
कर दो आज इंसान बनकर,
कब तक रहोगे मौन
मन मे महज चित्कार कर,

जो है सभी स्वीकार
उसको स्याह कर दो,
आज लोगों की 
जुबाँ की राह कर दो,

धुंध और कर्कश की 
वाणी से विवश हो,
क्या चला है धर्म 
कभी परवश हो?



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