मेरी समस्या, मेरा प्यार,
उनपर कुछ अधिकार
कुछ उनपर विश्वास,
कुछ रुका हुआ फैसला
कुछ अपनेपन की फांस,
यह मिलने की जिद्द
यह रहने की उम्मीद,
उसका कौन सहारा
मेरा भ्रम है सारा
यह संसार का छोर
यह प्यार मेरा चितचोर!
फैसला हक में हमारे कर दो आज इंसान बनकर, कब तक रहोगे मौन मन मे महज चित्कार कर, जो है सभी स्वीकार उसको स्याह कर दो, आज लोगों की जुबाँ की राह ...