Sunday, 14 June 2026

दो बखत

दो बार बैठे
दो बखत,
दो जून की रोटी को,
दो आंखों मे आस
दो बच्चों की प्यास, 
दो घंटे बीते छान
दो कदमों पर ध्यान,
आएंगे कैसे बाट
मेरे संकटमोचन,
उनके लिए वेतन 
मेरे जीवन का सार!



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