Friday, 21 June 2019

हद

मुझे इंतज़ार है,
तुम्हारी बेक़रारी की हद तक।

तुमको हो फिर यकीन
मेरी कसक को सुकून,
मुहब्बत रिसे आँख से
बनके कतरा लहू,

मुझे है ऐतबार
मेरी ज़िद की वजह तक।

मुझे है इंतज़ार............

तुम ना ढूँढो कोई
हमसफ़र मेरे बाद,
घूमो कहीं रात भर
हाथ मे हाथ,साथ-साथ,

मुझको हो ना गिला,
तुम्हारी अधूरी नज़र पर।

मुझे है इंतज़ार,
तुम्हारी बेक़रारी की हद तक।






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