Saturday, 31 August 2024

राम और माया

राम और माया 
फिर नवीन हो आया,
राम हृदय के पास 
माया बादल सी छाया,

राम मंदिर के आगे 
माया समुद्र के पार,
राम का संग सत्संग 
माया जीवन की रंग,

माया जाए ऊँचा 
राम सर्वत्र व्याप्त,
माया चुप हो बैठी 
राम करे वक्तर्व्य! 


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