Thursday, 5 December 2024

भूल और भटकाव

एक भूल और एक भटकाव 
लाज़िमी है रास्ते पर मिल जाएंगे,
पुराने जखम और नए हमसफ़र 
कुछ कहेंगे और हम फिसल जाएंगे,
एक सच और एक याद 
फलसफा जिंदगी का बन जाएंगे,
हम कहेंगे नहीं, वो रुकेंगे नहीं
रास्ते दो सिमट कर पलट जायेंगे!


No comments:

Post a Comment

अधिकार

तुम पर है अधिकार  तुम्हारे होने का चलने का,  तुम्हारे बातें मुझसे करने का  और फिर तुमसे मिलने का,  यह बोलो और फिर शांत रहो मैं सोचूँ और तुम ...