Tuesday, 26 August 2025

ये

ये क्या है?
जिसका नाम नहीं है 
बातों में है और 
ज़िक्र नहीं है,
जो श्रोत है 
जीवनमृत का,
आकर्षण है
व्यभिचार का,

जो श्रद्धा है
मातृत्व का,
सीमा है
व्यक्तित्व का,
दायित्व है
संस्कार का,
और कृतित्व है
कलाकार का!

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