Monday, 21 January 2019

अबकी उसको माफ़ ना करना......

वो फिर आएगा,
रोएगा, मिमियाएगा,
सौ बार दुहाई देगा,
हर नाम खुदा का लेगा ।

बिछड़े प्यार के परदे मे,
Sympathy ढूँढेगा,
दर्द तुम्हारा नहीं गुनेगा,
तुमने blame कर देगा।

उसके बिखेर टुकड़ों मे
तुम Fevicol ना बनना ।

अबकी उसको माफ़ ना करना......

गांधी के क़िस्से गाएगा,
कविता कोई सुनाएगा,
गुजरी माँ की बात तुम्हारी,
बार बार दुहराएगा ।

पीर कोई भारत का बनकर
सत्य-सत्य चिल्लाएगा,
डरकर शांत का ढोंग करेगा,
'अहिंसा' धर्म बताएगा ।

उसके बहकाने में आकर,
'भारत की जय' मत कहना ।

अबकी उसको माफ़ ना करना......

तारीफ़ करेगा बार-बार,
हर बात, ठहाके मार-मार,
तुम ऐसी पहले ना थी,
यही दिखाएगा, बेकार ।

और तुम्हारी हर हरकत पर
कविता कोई लिखेगा,
निजी जिरह की छुपी-सी बात
Blog पे सनाम कह देगा,

उसकी कविता में तरस देख,
तुम दिल को साफ़ ना करना ।

अबकी उसको माफ़ ना करना......

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