Thursday, 18 November 2021

बहस

तुम आ जाती
और मिल जाती,
तो दर्द मेरा 
कुछ दूर होता,

तुम मिलकर
हाथ पकड़ लेती,
आंखों से मुझे जकड़ लेती
जज्बात मेरे कुछ नम होते,

यूं तो तुमने बहुत कहा
यूं तो मैने बहुत सुना,
पर बिना कहे भी कुछ बाते
जब हममे–तुममे हो जाती,
तो भाव मेरे कुछ बढ़ जाते।

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