Monday, 27 June 2022

5 Year Plan

कल क्या होगा
कौन जानता,
कल होनी को
कौन मानता,
क्षण भर का
जीवन का सार,
कौन जानता
कल का भार,

कल क्या बीता
वो कौन सुने,
कल क्या पाओगे
कौन जाने?
कल के ही पड़
असमंजस मे
आज खत्म
होता अपार!

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