Saturday, 9 July 2022

भय

वो कहती थी
की मै चला जायेगा
तो भय चला जायेगा,
मुस्कान रह जायेगी
अरमान गुदगुदाएगा,

माटी पर लिख दो
राम नाम की मुस्कान
यह भव–सागर में भी
तैरता रह जायेगा!

गम को छुपाने की
नौबत ही न आयेगी,
इंसान का बनाया
क्या भगवान से टकराएगा?

भगवान बनाए हैं
खुशी और मुहब्बत को
इंसान की वजह से हैं 
ये जद्दो–जेहद,

राम को पा जायेगा
जो हनुमान मंत्र गाएगा,
जो ठहर गया है जीवन
वही तो मुस्कुराएगा!😊


No comments:

Post a Comment

अधिकार

तुम पर है अधिकार  तुम्हारे होने का चलने का,  तुम्हारे बातें मुझसे करने का  और फिर तुमसे मिलने का,  यह बोलो और फिर शांत रहो मैं सोचूँ और तुम ...