Saturday, 8 October 2022

हंसी

ये सारे लोग 
हंसते नहीं हैं,
ये देखते हैं
आने वालों को
शक की नजर से
और बोलते हैं
हंसने वालों को
तीखी जुबान से,
इनका मजाक
उड़ जाता है
हंसी करने पर
इनको कोई
छल जाता है,
कुछ भी करने पर,
ये चिंता करते हैं
मेरी–तुम्हारी और
हर हंसने वालों की,
घूमने वालों की और
मजा करने वालों की,
घर बैठना और 
सुरक्षित रहना
इनका शौक है,
ये खुश हैं
दुःखी रहकर,
और वक्त नहीं 
गंवाते हंसकर
खिलखिलाकर!

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