Thursday, 2 February 2023

अवसाद

कल सुबह
फिर सूरज उगेगा,
कल फिर 
बूंदें बरसेंगी,
कल फिर
झींगुर गाएगा,
कल फिर 
हम गुनगुनाएंगे,
हमे फिकर आज
इस बात की है बहुत,
कल कल कोई बात 
दिल से लग जायेगी!

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