Sunday, 26 February 2023

मूसल

राम का मूसल 
राम ओखली,
राम जी दाना 
राम चोकरी,
राम समस्या 
बनकर आए,
राम पीसकर 
राम मिलाए,
राम सुगंध 
फैलता जाए,

राम ही आखर 
राम ही पोथी,
राम कलम और 
राम सियाही,
राम सोचकर 
राम लिखाए,
राम पढ़ाए 
राम छपाये,
राम की गाथा 
राम बताये,

राम ही बूँदें 
राम ही बारिश,
राम ही बिजली 
राम वारिद,
राम जी वायु 
राम ज़लज़ला,
राम ही बाँध 
राम उफान,
राम के नद मे 
बहता जाए,
राम बचाए 
जो राम डुबाये !

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