Friday, 31 May 2024

केंद्र

केंद्र में हैं राम 
केंद्र मे सत्संग,
केंद्र से हटकर 
है जरा विध्वंस,

केंद्र के सब ओर 
केंद्र के हैं छोर,
केंद्र से अर्जित 
उर्मियों के डोर,

जब केंद्र परिभाषित 
और आनंदित,
मध्य मार्ग सुगंधित 
सत्य और पुलकित!

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