Friday, 28 June 2024

बातों का मतलब

इन बातों का 
कुछ मतलब नहीं है,
बेमानी हैं सब 
कोई तर्कसंगत नहीं हैं,
तुमको लगा की 
हमारी खामोशी तुम हो,
तुम्हारे होने से पर
हमें कोई उल्फत नहीं है,

यह दूरी, ये धूरि 
ये समय के थपेड़े,
ये सरगम के टुकड़े 
जो किस्मत ने छेड़े,
ये लंबी सी चुप्पी 
विचारों के रेले,
ये मेरे फ़ैसले हैं
कोई उलझन नहीं है!

No comments:

Post a Comment

ठिठोली

झूला झूले रज का  कित टूटे और छूटे डोरी प्रिय संग का, यह उच्छ्वास पर निःश्वास, दोलन ऊपर को अंतर मे उल्लास, भय और रोमांच  करते नृत्य  जुगलबंदी...