Saturday, 30 November 2024

खेल

खेल खेलते हैं 
खिलाड़ियों के साथ,
पालों में रह रहे हैं 
उधर जाने के बाद,
खेल के बड़े हैं 
उस्ताद जंग में,
मैदान है बड़ा 
हर शख्स उमंग में,
खेल खेलते हैं 
राम के घर से,
खेल है खुदा 
हम हैं महज शागिर्द!

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