Thursday, 14 November 2024

एक बापू हैं!

एक बापू है हृदय में 
एक खादी है तन पर 
एक गीत है होठों पर 
एक राष्ट्र है पेशानी पर 
एक काम है मेरे हाथों में 
एक रफ्तार है मेरे पैरों में 
एक गर्व है मेरी चाल में 
एक समर्पण है मेरे ख्याल में 
एक भाव है मेरे मिलने में 
एक जिद है कुछ बदलने में 
एक मकसद है मेरे बापू में!

No comments:

Post a Comment

अधिकार

तुम पर है अधिकार  तुम्हारे होने का चलने का,  तुम्हारे बातें मुझसे करने का  और फिर तुमसे मिलने का,  यह बोलो और फिर शांत रहो मैं सोचूँ और तुम ...