यह बुरा है,
यह सबके सामने
यह छुपा है,
यह मैने जान
कर किया है,
यह हो गया
और पता नहीं चला,
यह भाव है,
भव सागर
मे बहते हम
यही राम हैं,
यह राम का नाम है!
झूला झूले रज का कित टूटे और छूटे डोरी प्रिय संग का, यह उच्छ्वास पर निःश्वास, दोलन ऊपर को अंतर मे उल्लास, भय और रोमांच करते नृत्य जुगलबंदी...