Thursday, 25 August 2022

दो बातें

कर लेती तुम दो बातें
कुछ इस पल की
कुछ उस पल की,
आने वाले कुछ
कुछ बीते कल की,

मेरा मुकम्मल होता दिन
मुस्कान मेरी लटका देती
होंठों पर मधुर बोल होते
क्रिएटिविटी बढ़ा देती,
वक्त निकाल के
जो तुम भी
कुछ मेरे संग बिता देती!

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