Friday, 8 December 2023

जिद

तुम्हारी जिद है 
बात नहीं करने की,
बात नहीं सुनने की 
बात मे आने की नहीं 
और बात सुनाने की नहीं,

तुम्हारी जिद है 
नाक पर चढ़ कर बैठी,
हुस्न की अंगार बनी 
आंखे फैलाकर ऐंटी,
एक चमक-सी नूर की 
होंठ पर रस-तरल सी,

मेरी तलब की चुभन-सी 
पूनम की शीतल-सी 
नमक-सी, जलन-सी 
मुझे खिंचती कसक-सी!

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