Sunday, 30 March 2025

सुबह और रात

रात का आराम 
शाम का दिमाग, 
रात का निश्कर्ष 
शाम का विन्यास, 
रात का घर 
शाम का लौटाव,

सुबह की अग्नि 
और रात का जल, 
आज शाम की शांति 
और कल का खल,
सुबह अलग का भाव
शाम को परिवार, 
पास का समाज!

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