Wednesday, 6 April 2022

सताना

अब सताने के लिए
तुम कुछ नही करती हो,
अब फोन नहीं करती
अब बात नहीं करती,
अब नाम मेरा लेकर
आवाज़ नहीं करती,

अब हाल नहीं पूछती हो
अब हंसाती नही हो,
अब बिना मतलब के तुम
पास आती नही हो,
अब नही जलती
किसी और से
बस मुझसे,
अब नही मेरे लिए
लड़ जाती हो खुद से,

अब नही सताती तो
तड़प ज्यादा होती है!

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