Monday, 19 June 2023

बोझ

राम का बोझ 
उठाने वाले,
राम के नीचे 
दबा हुआ है,
गलत-सही का 
फैसला करके,
खुद के ऊपर 
लदा हुआ है,

यह कैसे 
धरती को धूरी 
नचा-नचा कर 
थका हुआ है,
आज बहुत 
रोता है बैठकर,
जो राम से पहले 
लड़ा हुआ है,

बोझ राम का 
ढोने वाला,
राम से मुड़कर 
चला हुआ है!

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