Thursday, 1 June 2023

मातृ-भाव

माँ बन गई 
कौशल्या,
पूछा नहीं 
कहा कुछ ना,
माँ ही बनी 
सुमित्रा मेरी,
जन सेवा का 
ज्ञान भरा,
माँ ही बनी 
कैकयी आगे,
मुझको जग मे
त्याग दिया!

1 comment:

  1. Anonymous23:02

    मातृत्व एक भाव अनेक!

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