Monday, 29 May 2023

राम रचित

राम कह रहे सुनने को 
राम सुन रहे कहने को
राम ही शब्द को रचते हैं 
राम धुन मे गाते हैं,

राम ही मधुर बजाते हैं 
राम ही राह बनाते हैं,
राम ही किस्सों के हिस्से 
राम काल बन जाते हैं,

राम रूप कई धरते हैं 
राम हर जगह रहते हैं 🙏


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