Monday, 22 May 2023

spoke

मै रहूं एक तीली-सा
चलते हुए चाक के बीच,
एक बानर-सा रहूं 
जलते हुए लंका मे अभीत,

अंगद जैसा किष्किन्धा मे
कुछ शब्द-सा किताब मे,
इत्र-सा शबाब मे
चिलमन बना हिजाब मे,

राम का बनकर खिले 
राम के रुआब मे,
राम की पहचान बने 
राम की पुकार मे!

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