राम सुन रहे कहने को
राम ही शब्द को रचते हैं
राम धुन मे गाते हैं,
राम ही मधुर बजाते हैं
राम ही राह बनाते हैं,
राम ही किस्सों के हिस्से
राम काल बन जाते हैं,
राम रूप कई धरते हैं
राम हर जगह रहते हैं 🙏
झूला झूले रज का कित टूटे और छूटे डोरी प्रिय संग का, यह उच्छ्वास पर निःश्वास, दोलन ऊपर को अंतर मे उल्लास, भय और रोमांच करते नृत्य जुगलबंदी...